Saturday, February 22, 2025
Follow us on
ब्रेकिंग न्यूज़
पूर्व केंद्रीय मंत्री व हमीरपुर संसदीय क्षेत्र से सांसद श्री अनुराग सिंह ठाकुर का जर्मनी प्रवास के दौरान प्रवासी भारतीयों ने अभिनंदन किया।एचआरटीसी निदेशक मंडल ने लगभग 700 बसें खरीदने की मंजूरी दीबेटियां सभ्यता और समाज की अमूल्य धरोहर : कैप्टन रणजीत सिंह राणाउपायुक्त ने जवाहर नवोदय विद्यालय पेखूबेला का किया औचक निरीक्षण, परीक्षा केंद्र और मरम्मत कार्यों का लिया जायजाएलएडीएफ का 10 फीसदी निधि सुख आश्रय और सुख शिक्षा योजना पर होगी खर्च - उपायुक्तग्रामीण विकास विभाग और अल्ट्राटेक सीमेंट ने गैर पुनर्चक्रण योग्य प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन के लिए समझौता ज्ञापन किया हस्ताक्षरितअंतर-सीपीएसयू क्रिकेट टूर्नामेंट का आयोजन कियाप्रदेश में नशा, अवैध खनन, अपराध चरम पर, सरकार समोसे खोजने में व्यस्त : जयराम
-
हरियाणा

विद्युत वितरण को निजी क्षेत्र में दीये जाने के प्रावधान को तकनीकी कर्मचारी महासंघ ने जताया विरोध

-
ब्यूरो हिमालयन अपडेट | May 27, 2020 06:58 PM

  महासंघ ने निरस्त करने की मांग रखी;नेक राम ठाकुर

शिमला ,
कोविड- 19 संक्रमण के काल में, जब पूरा देश लॉक डाउन है, लाखो लोग इसके शिकार हो रहे है, हजारों मौते हो चुकी है सब तरफ अनिश्चितता और भय का माहौल है ऐसे समय में ऊर्जा मंत्रालय द्वारा इलेक्ट्रिसिटी संसोधन बिल 2020 लाकर इसके माध्यम से वितरण क्षेत्र में निजीकरण का रास्ता बनाने का काम किया जाना निंदनीय है ।
भारतीय मजदूर संघ एवम अखिल भारतीय विद्युत मजदूर महासंघ से सम्बद्ध हिमाचल प्रदेश राज्य बिजली बोर्ड तकनीकी कर्मचारी संघ ने इस बिल पर के अनेक प्रावधानों पर अपनी आपत्ति दर्ज करते हुए इस पर व्यापक चर्चा करने एवं निरस्त करने की मांग की है ।
महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष दूनी चंद ठाकुर एवम महामंत्री नेक राम ठाकुर ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा  कि वितरण क्षेत्र में सब लाइसेंसी का प्रावधान किया जा रहा है, क्रॉस सब्सिडी खत्म कर सब्सिडी व्यवस्था को धीरे धीरे समाप्त किया जाना है इससे गरीब जनता की बिजली दर महंगी होगी, सरकार की मंशा उद्योग, व्यापार, कृषि और घरेलू बिजली दरें समान करने की दिखाई देती है, राज्य नियामक आयोगों की उपादेयता समाप्त कर केंद्रीय नियंत्रण में लाने की बात कही गई है यह सब भारत जैसे देश में उचित नहीं है । सब लाइसेंसी के रूप में पूंजीपतियों का प्रवेश का मार्ग प्रशस्त होगा । वैसे भी विद्युत अधिनियम 2003 के माध्यम से पूरे देश के बिजली बोर्डो को समाप्त कर दिया गया था तथा यह दावा किया गया था कि उपभोक्ताओं को सस्ती ,गुणवत्तापूर्ण निरंतर बिजली दी जाएगी, लाइन लॉस कम किये जायेंगे, जिम्मेदारी तय की जाएगी लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं हुआ अपितु राजनीतिक हस्तक्षेप से वितरण कपनिया बर्बाद हो रही है ।
भारत सरकार, अगरआगामी दिनों में इस बिल के जन विरोधी प्रावधानों को निरस्त नहीं करती है हिमाचल प्रदेश राज्य तकनीकी कर्मचारी महासंघ भारतीय मजदूर संघ एवम अखिल भारतीय विद्युत मज़दूर महसंघ के तत्वाधान में प्रदेश व पूरे देश में आंदोलन करने को बाध्य होगी ।

 

-
-
Have something to say? Post your comment
-
और हरियाणा खबरें
आरएलए स्पीति में पंजीकृत  निजी वाहनों को मिलेगी फीस से शुल्क राजकीय महाविद्यालय सिहुंता के भवन का जल्द शुरू होगा निर्माण कार्य– कुलदीप सिंह पठानिया अधिकारी आपसी तालमेल के साथ तीव्रता से कार्य करें - अनुराग सिंह ठाकुर वनकाम गुड़गाँव की गोष्ठी में कवियों ने बिखेरे कविता के विविध रंग पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र हुड्डा की गाड़ी दुर्घटनाग्रस्त, सभी सुरक्षित भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश स्तरीय सोशल मीडिया बैठक रोहतक में सम्पन्न; प्राची खुराना नोएडा प्राधिकरण के इंदिरा गांधी कला केंद्र ऑडीटोरियम में शिक्षक दिवस के उपलक्ष्य में 'इलाहाबाद विश्वविद्यालय पुरा छात्र परिषद' द्वारा भव्य कार्यक्रम आयोजित आनी ब्लॉक की दो ग्राम पंचायतों में चुनाव प्रक्रिया शुरु हरियाणा गौरव सुनील शर्मा का नाम इंडियन रिकॉर्ड बुक में शामिल आईटीआई में प्रवेश के लिए संस्थान स्तर पर स्पॉट राउंड 16 से 18 नवम्बर तक                      
-
-
Total Visitor : 1,71,35,875
Copyright © 2017, Himalayan Update, All rights reserved. Terms & Conditions Privacy Policy